क्या तुमने कभी तनहाइयों से बातें की हैं ? बहुत कुछ कहती हैं हमसे ये तन्हैयाँ , क्या तुमने कभी इनकी बातें सुनी हैं ? कभी कभी रात में भी बनती हैं परछाईर्याँ, चाहो न चाहो दूर तक संग चलती हैं ये परछाईर्याँ क्या तुमने कभी इन परछाईर्याँ से बातें की हैं ? क्या तुमने कभी तनहाइयों से बातिएँ की हैं ...? कभी यु ही मिल जाते हैं रहो में कुछ अजनबी , देख कर जिन्हें हम बुन लेते हैं ईक पल में ही खवाब कई , कुछ ऐसे अजनबी , जिन्हें देख कर लगता है के "हम पहले भी हैं मिले कभी", क्या तुमने ऐसे मौको पर दिल की बात सुनी है ? क्या तुमने कभी ऐसे अजनबी से बातिएँ की हैं ? गुजरी होंगी कई तनहा रातें किसी एक आहात के इन्तेजार में , देखा होगा अपना mobile कई बार किसी के कॉल के इन्तेजार में , क्या तुमने कभी इस इनेजार में हर पल यु ही तुम्हारा साथी बने उस phone से बातें की हैं ? के तुमने कभी , उस रात में हर पल तुम्हारे इन्तेजार का हिस्सा बने उस चांदनी रात से ...