सोमवार, 2 नवंबर 2009

है तू किस उलझन में? किस ज़द्दोजेहद में गुम है तू?
कौन हूँ मै, क्यो आता हूँ ख्वाबो में तेरे, क्या रिश्ता है मेरा तुझ से?
क्यो खोजती है तू ज़वाब इन सवालो के इस जहाँ में, मुमकिन नही मिल जाए मुझ तक आने का रास्ता इस जहाँ में,
मै एक खुशबू हूँ , मै मोहब्बत हूँ तेरी, मै तो तेरे दिल में बसा एक एहसास हूँ,
तुने देखा था जो सुबह सुबह, मै वो ही हँसी ख्वाब हूँ,
मै मोहब्बत हूँ तेरी, मै तो तेरे दिल में बसा एक एहसास हूँ...


आँखें बंद कर के देख अपनी, नज़र आती है जिसकी शक्ल मै वो ही शक्स ख़ास हूँ,
मै तो खुशबू हूँ तेरी, मै तो तेरे दिल में बसा एक एहसास हूँ,
मै मोहब्बत हूँ तेरी, मै पहली मोहब्बत का वही खुशनुमा एहसास हूँ,
मै मोहब्बत हूँ तेरी, मै तो तेरे दिल में बसा एक एहसास हूँ...






दूर नही मै कभी भी तुझसे, मै तो हर पल तेरे पास हूँ,
बसा हूँ मै तेरे दिल में धड़कने बन कर, मै तो हर कदम तेरे साथ हूँ,
तू मेरी बंदगी है, तू मेरी जिंदगी है, तू मेरी जीने की वजह ख़ास है,
तू धडकनों में बस्ती है मेरी, तेरी खुशबू मेरे लिए जिंदगी का एहसास है,
तू मोहब्बत है मेरी, तू मेरे दिल में बसी जिंदगी का एहसास है,


तेरे दिल मेरी मोहब्बत बसी है, इस बात पर मुझे अपने जिंदा होने से ज्यादा ऐतबार है,
खुदा ने मुझे जिंदगी शायद इस लिए बख्श दी है, के उसकी सबसे नायब चीज को मुझसे प्यार है,
आजा आगोश में मेरी गर तुझे मुझ पर ऐतबार है,
वादा है मेरा हर पल साथ निभाऊंगा, हाथ जो एक बार थमा तेरा, कभी हाथ छुडा कर न जाऊंगा,
मुझे बरसो से बस तेरी ही तलाश है, तू मोहब्बत है मेरी, तू मेरी जिंदगी में जिंदगी का एहसास है





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