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गर इतनी हसीं और खुशनुमा मेरी मौत हैं लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

के जीने की चाह ने हसना सिखा दिया, मैंने मुस्कुराहटों के पीछे हर गम छुपा लिया...

जीने की चाह ने हँसना सिखा दिया, मैंने मुस्कुराहटों को अपनी पहचान बना लिया, हम तो गए थे मौत के दर्र पे उसे गले लगाने की खातिर, पर जब मौत हमसे मिलने आयी, तो उसने हमे जिंदगी का रास्ता बता दिया, मौत ने कहा तन्हा नही है तू, ले आज से संग तेरे हर पल ये मुस्कुराहट भी है, मैंने मुस्कुराहटों को ही अपनी पहचान बना लिया, शिकायत जहाँ में सब को है मेरी मुस्कुरातो से, पर मैंने मुस्कुराहटों के पीछे हर गम छुपा लिया, वजह तो हर किसी की होती है अपनी अपनी जीने की, पर हमने मुस्कुराहटों को भी अपने जीने की एक वजह बना लिया, मैंने मुस्कुराहटों के पीछे हर गम छुपा लिया, जीने की चाह ने हसना सिखा दिया, तन्हा न हो जाऊ इस ज़माने में कही मई, इसलिए मैंने ख़ुद की मुस्कुराहटों को अपनी महबूबा बना लिया... करीब मेरा जो कोई मेरा गम भी कभी तो मैंने उस गम को भी हसना सिखा दिया, "न पूछो हमसे के हसी कैसी खुशी कैसी, मुसीबत सर पे रहती है कभी कैसी कभी कैसी" गमो की ठंडी छो को हमने सर पर सजा लिया, गुमो की छो के टेल हमने आशियाना बना लिया, बेवफाई तो हमसे जिंदगी में हर खुशी ने की है, इसलिए मैंने मुस्कुराहटों (गमो) को ही अ...

गर इतनी हसीं और खुशनुमा मेरी मौत हैं, तो मुझे जिंदगी नही चाहिए

एक दिन खुदा ने मुझसे कहा, के तेरी जिंदगी बस कुछ पल की है, पर वो आएगी तेरे आगोश में बस एक पल के लिए , मैंने खुदा से कहा, "उस एक पल से ज़्यादा, मुझे जिंदगी नही चाहिए", खुदा ने कहा, तेरी आगोश में आ के उनके होटो पे आएगी मुस्कुराहटें बेपनाह, मैंने खुदा से कहा "मुझे और कोई खुशी नही चाहिए" खुदा ने कहा ओ नादान, संग उसके हो कर, इस जहाँ में तू हो जाएगा तन्हा, मैंने खुदा से कहा "गर वो हैं संगे मेरे मेरी आखरी साँस तक तो, मुझे कोई और साथी नही चाहिए" खुदा ने कहा, के गर वो आएगी तेरे पास, तो तुझे एक बूँद पानी भी नसीब नही होगा, मैंने खुदा से कहा, "बस मेरी आखरी साँस तक वो साथ हों मेरे, इस ४ पल की जिंदगी में जीने के लिए, मुझे कुछ और नही चाहिए", खुदा से रहा न गया, उन्होंने फ़िर कहा, "अरे ओ नादान 'वो आएगी तेरी पहलु में तेरी मौत बन कर'" मैंने कहा "गर इतनी हसीं और खुशनुमा मेरी मौत हैं, तो मुझे जिंदगी नही चाहिए"