वो जिनको शिकायत है के हम बेवजह ही हर पल मुस्कुराते हैं , कभी नजरिया बदल के तो देखिएगा , आप को भी इल्म हो जाएगा , के कितनी खूबसूरती से हम अपना हर गम इस जहाँ से छुपाते हैं ” किसी परियों की कहानी की तरह वो इक दिन हमे मिल जायेंगे ये, इल्म नही था, किसी अनजान को बेपनाह हम चाहेंगे ये इल्म नही था, हम भी कभी किसी से अपना दिल ये लगायेंगे ये इल्म नही था, इस दिल में किसी को धडकनों की तरह बसायेंगे ये इल्म नही था, के किसी के इश्क में हम ख़ुद को भूल जायेंगे ये इल्म नही था, के कोई होगा इस जहाँ में कोई हमरा भी हमसफ़र, किसी को हम अपना खुदा बनायेंगे कभी भी हमको इसका इल्म नही था, के वोः हमारी सांसो में हमारी रूह में बस जायेंगे, गर्र आखिएँ बंद भी कर लू तो वोः ही नज़र आयेंगे, के वोः हमारे रोम रोम में बस जायेंगे, के गर कोई नाम हमारा पूछेगा, तो हम नाम उनका बताएँगे, के इस कदर हम दीवाने हो जायेंगे, हमको कभी ये इल्म नही था, के कभी किसी नाजनीन, किसी महजबीं को हम अपना कह पाएंगे, के वो हमारी जिंदगी का न जाने कब हर पल बन जायेंगे, के कब वो हमारी धडकनों की वजह बन जायेंगे, के उनक...