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मुझे बस थोडा सा आसमान चाहिए

मुझे बस  थोडा  सा  आसमान  चाहिए, ले  सकूँ  मै  जिस  में  खुलकर  सासें ,   मुझे  ऐसा  खुला  खुला  सा  जहां चाहिए , मुझे  बस  थोडा  सा  आसमान  चाहिए, न  हो  बंधन  जहा  जाति , धर्म , रंग  और  मजहब  का  मुझे  ऐसा  एक  जहां  चाहिए , जहाँ  न  हो  कोई  छोटा न कोई  बड़ा , मुझे  एक  ऐसा   जहाँ  चाहिए , मुझे  बस  थोडा  सा  आसमान  चाहिए नहीं  चाहिए  मुझे  यह  ज़मीन  पर  इंसानों  के  लिए  खिची  लकीरें , न  मुझे  इस  जहां  में  कोई  बटवारा  चाहिए , मुझे  ऐसे  हर  बटवारे  से  छुटकारा  चाहिए , मिल   सके  अगर  मुझको  एक  बार  जो  फिर  से , तो  मुझे  खुल  के  जीने  का मेरा हक...