जिंदगी का सफर हम किए जा रहे हैं, न जाने क्यो तन्हा सुनी राहों पे चले जा रहे हैं, न जाने क्यो जिंदगी को सहरा किये जा रहे हैं, न जाने क्यो बे मन हम जिये जा रहे हैं, नही आयेंगे वो, ऐतबार हमको भी है, फिर भी न जाने क्यो हम उनका इन्तेजार किए जा रहे है ये न सोचना ये के मौत का डर है हमे, हो न जाए उन्हें कुछ, कही हमारे जाने के बाद , के हम बस उनकी जिन्दगी की खातिर जिये जा रहे हैं